Student Life Essay - आज के इस आर्टिकल में हम आपको Student Life के बारे में कुछ बता रहे है। और आप एक छात्र है। तो ये Essay को आप पढ़ सकते है,या लिख सकते है।
अनुसासन व्यक्ति, Samaaj Aur Raashtr सबको महान बनता है। विशेष कर Student जीवन तो अनुसासन प्रधान होता है। इसके बिना छात्रों में अच्छे संस्कार डाले नहीं जा सकता। अच्छी पढाई,अच्छे संस्कार एवं गुणों के Vikaas के लिए अनुशासन आदरसीला का काम करता है।
विद्यार्थी जीवन का महत्त्व Importance of student life
विद्यार्थी Life कच्ची मिट्टी का ऐसा पिंड है,जिसे चाहे जैसा रूप दिया जा सकता है। चरित्र निर्माण का यही श्रेष्ठ अवसर है। इस अवस्था में विद्यार्थी आत्मनिर्भर,उदारत, स्नेह,शोहाद्र,श्रद्धा,आस्था ,नम्रता आदि Gunon Ka Vikaas कर सकता है।
प्राचीनकाल
में विद्यार्थी गुरुकुल में रहकर विद्या प्राप्त करता था। जहा उसे विद्या अध्ययन के साथ - साथ सयम,नियम,त्याग -तपस्या,धर्म -कर्म सत्य - निष्ठा शुद्ध आचार - विचार आदि की भी शिक्षा दी जाती थी। हमारे धर्म ग्रन्थ में विद्यार्थी के Paanch Lakshan बताये गए है।
काकचेष्टा,बकोध्यानं ,श्वाननिद्रा तथैव च। अल्पहारी,गृहत्यागी,विद्यार्थीः पंच लक्षणम।
काकचेष्टा,बकोध्यानं ,श्वाननिद्रा तथैव च। अल्पहारी,गृहत्यागी,विद्यार्थीः पंच लक्षणम।
अर्थात विद्या
धन चाहे वाले के पास कोय जैसे लगन,बगुले जैसा एकांग धियान कुत्ते जैसी अलप एवं सचेत निद्रा घर से दूर रह सकने वला स्वभाव आवशयक से काम Bhojan करके जैसे सयम रहना चाहिए। ये पांच गुण विद्यार्धी को विद्या अर्जुन करने में तो ये सहायक करते है। आगामी सुवर्णिम Life के भी आधार है। उक्त पांच लछणो से युक्त विद्यार्थी Praacheenakaal Me Raaja तक से उचित मान - समान प्राप्त करता था। वः सदाचार का प्रतिक माना जाता है।
जो छात्र अपने विद्यार्थी जीवन में Samay और अनुशासन का पाठ नहीं पढता,उसका सम्पूर्ण Life अंध्कारमय हो जाता है। Student जिस गंभीर ज्ञान के प्राप्ति के लिये विद्यालय में आते,उसे पाने के लिए उन्हें प्रयतनपूर्वक अध्ययन करना चाहिए।
जिस प्रकार किसी भवन या इमारत की चिर स्थिरता और द्रिड Usakee Neev की मजबूती पर अवलम्बित है। उसी प्रकार किसी व्यक्ति की Life की सुख- समृद्धि शक्ति और सफलता उसकी अनुशासित छात्रावस्था पर निर्भर है।

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